भारतीय समाजशास्त्री BK 2 Ch (5) Practice Quiz in Hindi Part 2 || Class 11 Sociology Practice Quizzes in Hindi Posted on March 8, 2025March 8, 2025 by Anshul Gupta0% 0 votes, 0 avg 1 भारतीय समाजशास्त्री BK 2 Ch (5) 1 / 201. लुई ड्यूमों के अनुसार, सामाजिक विश्लेषण की सबसे महत्वपूर्ण इकाई क्या है? A. धर्म B. गांव C. जाति D. परिवार स्पष्टीकरण: लुई ड्यूमों के अनुसार, जाति जैसी सामाजिक संस्थाएं गांव की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण हैं। 2 / 202. ‘मानवमिति’ का क्या अर्थ है? A. मानव शरीर का मापन B. मानव व्यवहार का अध्ययन C. उपरोक्त में से कोई नहीं D. मानव संस्कृति का अध्ययन स्पष्टीकरण: मानवमिति मानव शरीर का मापन है, जिसमें शरीर के विभिन्न अंगों, जैसे खोपड़ी, नाक, और हाथों का माप शामिल है।3 / 203. एल.के. अनंतकृष्ण अय्यर को किस क्षेत्र में उनके योगदान के लिए जाना जाता है? A. जाति और प्रजाति का अध्ययन B. ग्रामीण समाजशास्त्र C. भारतीय राष्ट्रवाद का अध्ययन D. जनजातीय संस्कृति और समाज का अध्ययन स्पष्टीकरण: एल.के. अनंतकृष्ण अय्यर को कोचीन रियासत के नृजातीय सर्वेक्षण में उनके योगदान के लिए जाना जाता है।4 / 204. ‘समायोजन’ का क्या अर्थ है? A. उपरोक्त में से कोई नहीं B. विभिन्न संस्कृतियों का आपसी मेल-मिलाप C. एक संस्कृति का दूसरी संस्कृति पर प्रभाव D. एक संस्कृति का दूसरी संस्कृति में विलय स्पष्टीकरण: समायोजन का अर्थ है एक संस्कृति का दूसरी संस्कृति में विलय हो जाना, जिससे वह अपनी अलग पहचान खो देती है।5 / 205. शरत चंद्र रॉय को किस क्षेत्र में उनके योगदान के लिए जाना जाता है? A. भारतीय राष्ट्रवाद का अध्ययन B. ग्रामीण समाजशास्त्र C. जनजातीय संस्कृति और समाज का अध्ययन D. जाति और प्रजाति का अध्ययन स्पष्टीकरण: शरत चंद्र रॉय ने छोटानागपुर प्रदेश की जनजातियों की संस्कृति और समाज का अध्ययन किया।6 / 206. भारतीय समाजशास्त्र के विकास में महिलाओं के मुद्दों का क्या योगदान रहा है? A. महिलाओं की स्थिति पर ध्यान आकर्षित किया B. सामाजिक परिवर्तन को बढ़ावा दिया C. समाजशास्त्रीय शोध के लिए नए विषय प्रदान किए D. उपरोक्त सभी स्पष्टीकरण: महिलाओं के मुद्दों ने भारतीय समाजशास्त्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे महिलाओं की स्थिति पर ध्यान आकर्षित हुआ, सामाजिक परिवर्तन को बढ़ावा मिला, और समाजशास्त्रीय शोध के लिए नए विषय प्रदान हुए।7 / 207. ‘प्रसारवाद’ का क्या अर्थ है? A. एक संस्कृति का दूसरी संस्कृति में विलय B. विभिन्न संस्कृतियों का आपसी मेल-मिलाप C. उपरोक्त सभी D. एक संस्कृति का दूसरी संस्कृति पर प्रभाव स्पष्टीकरण: प्रसारवाद एक ऐसा सिद्धांत है जो यह मानता है कि सांस्कृतिक परिवर्तन मुख्य रूप से एक संस्कृति से दूसरी संस्कृति में विचारों, वस्तुओं, और प्रथाओं के प्रसार के कारण होता है।8 / 208. ग्रामीण अध्ययन ने भारतीय समाजशास्त्र को कैसे लाभान्वित किया? A. उपरोक्त सभी B. समाजशास्त्र को एक नई भूमिका दी C. सामाजिक परिवर्तन की जानकारी दी D. नृजातीय शोधकार्य को बढ़ावा दिया स्पष्टीकरण: ग्रामीण अध्ययन ने भारतीय समाजशास्त्र को नृजातीय शोधकार्य को बढ़ावा देकर, सामाजिक परिवर्तन की जानकारी देकर, और समाजशास्त्र को एक नई भूमिका देकर लाभान्वित किया। 9 / 209. ए.आर. देसाई को किस क्षेत्र में उनके योगदान के लिए जाना जाता है? A. राज्य और समाज का अध्ययन B. ग्रामीण समाजशास्त्र C. जाति और प्रजाति का अध्ययन D. परंपरा और परिवर्तन का अध्ययन स्पष्टीकरण: ए.आर. देसाई ने राज्य, विशेष रूप से कल्याणकारी राज्य, पर महत्वपूर्ण विचार दिए।10 / 2010. भारतीय समाजशास्त्र के विकास में किसान आंदोलनों का क्या योगदान रहा है? A. उपरोक्त सभी B. ग्रामीण समाज की समस्याओं पर ध्यान आकर्षित किया C. सामाजिक परिवर्तन को बढ़ावा दिया D. समाजशास्त्रीय शोध के लिए नए विषय प्रदान किए स्पष्टीकरण: किसान आंदोलनों ने भारतीय समाजशास्त्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे ग्रामीण समाज की समस्याओं पर ध्यान आकर्षित हुआ, सामाजिक परिवर्तन को बढ़ावा मिला, और समाजशास्त्रीय शोध के लिए नए विषय प्रदान हुए।11 / 2011. एम.एन. श्रीनिवास को किस क्षेत्र में उनके योगदान के लिए जाना जाता है? A. राज्य और समाज का अध्ययन B. ग्रामीण समाजशास्त्र C. परंपरा और परिवर्तन का अध्ययन D. जाति और प्रजाति का अध्ययन स्पष्टीकरण: एम.एन. श्रीनिवास ने भारतीय गांवों और ग्रामीण समाज पर महत्वपूर्ण शोध कार्य किया।12 / 2012. भारतीय समाजशास्त्र के ‘संस्थापक’ कौन माने जाते हैं? A. ए.आर. देसाई और एम.एन. श्रीनिवास B. एल.के. अनंतकृष्ण अय्यर और शरत चंद्र रॉय C. उपरोक्त सभी D. जी.एस. घूर्ये और डी.पी. मुकर्जी स्पष्टीकरण: भारतीय समाजशास्त्र के विकास में एल.के. अनंतकृष्ण अय्यर, शरत चंद्र रॉय, जी.एस. घूर्ये, डी.पी. मुकर्जी, ए.आर. देसाई, और एम.एन. श्रीनिवास सभी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।13 / 2013. भारतीय समाजशास्त्र को ‘भारतीय’ बनाने के लिए किन प्रमुख तरीकों का इस्तेमाल किया गया? A. भारतीय परंपरा का पुनर्खोज B. शास्त्रीय ग्रंथों का उपयोग C. उपरोक्त सभी D. मार्क्सवादी दृष्टिकोण स्पष्टीकरण: भारतीय समाजशास्त्र को ‘भारतीय’ बनाने के लिए शास्त्रीय ग्रंथों का उपयोग, भारतीय परंपरा का पुनर्खोज, और मार्क्सवादी दृष्टिकोण जैसे विभिन्न तरीकों का इस्तेमाल किया गया।14 / 2014. जी.एस. घूर्ये को किस क्षेत्र में उनके योगदान के लिए जाना जाता है? A. भारतीय राष्ट्रवाद का अध्ययन B. जाति और प्रजाति का अध्ययन C. जनजातीय संस्कृति और समाज का अध्ययन D. ग्रामीण समाजशास्त्र स्पष्टीकरण: जी.एस. घूर्ये ने जाति और प्रजाति पर महत्वपूर्ण शोध कार्य किया और ‘कास्ट एंड रेस इन इंडिया’ नामक पुस्तक लिखी।15 / 2015. ‘बहिर्विवाह’ का क्या अर्थ है? A. विभिन्न जातियों या समूहों के बीच विवाह B. उपरोक्त में से कोई नहीं C. विवाह पर प्रतिबंध D. एक ही जाति या समूह के अंदर विवाह स्पष्टीकरण: बहिर्विवाह का अर्थ है विभिन्न जातियों या समूहों के बीच विवाह करना।16 / 2016. डी.पी. मुकर्जी को किस क्षेत्र में उनके योगदान के लिए जाना जाता है? A. परंपरा और परिवर्तन का अध्ययन B. ग्रामीण समाजशास्त्र C. जाति और प्रजाति का अध्ययन D. भारतीय राष्ट्रवाद का अध्ययन स्पष्टीकरण: डी.पी. मुकर्जी ने भारतीय परंपरा और परिवर्तन पर महत्वपूर्ण विचार दिए।17 / 2017. ‘अंतर्विवाह’ का क्या अर्थ है? A. विवाह पर प्रतिबंध B. उपरोक्त में से कोई नहीं C. विभिन्न जातियों या समूहों के बीच विवाह D. एक ही जाति या समूह के अंदर विवाह स्पष्टीकरण: अंतर्विवाह का अर्थ है एक ही जाति या समूह के अंदर विवाह करना।18 / 2018. एम.एन. श्रीनिवास के अनुसार, भारतीय गांवों की क्या विशेषता है? A. स्थिर और आत्मनिर्भर B. आधुनिक और विकसित C. गतिशील और एकीकृत D. पिछड़े और अलग-थलग स्पष्टीकरण: एम.एन. श्रीनिवास के अनुसार, भारतीय गांव स्थिर और आत्मनिर्भर नहीं हैं, बल्कि गतिशील और एकीकृत हैं। 19 / 2019. ‘मुक्त व्यापार’ का क्या अर्थ है? A. राज्य द्वारा अर्थव्यवस्था में न्यूनतम हस्तक्षेप B. राज्य द्वारा अर्थव्यवस्था का नियंत्रण C. राज्य द्वारा अर्थव्यवस्था में हस्तक्षेप D. उपरोक्त में से कोई नहीं स्पष्टीकरण: मुक्त व्यापार का अर्थ है राज्य द्वारा अर्थव्यवस्था में न्यूनतम हस्तक्षेप, जिससे बाजार की शक्तियां स्वतंत्र रूप से काम कर सकें।20 / 2020. ‘प्रशासक-मानवविज्ञानी’ किन्हें कहा जाता है? A. ब्रिटिश प्रशासक जो मानवविज्ञान में रुचि रखते थे B. मानवविज्ञानी जिन्होंने प्रशासनिक पदों पर काम किया C. भारतीय समाजशास्त्री जिन्होंने प्रशासन में काम किया D. उपरोक्त में से कोई नहीं स्पष्टीकरण: प्रशासक-मानवविज्ञानी वे ब्रिटिश प्रशासक थे जिन्होंने मानवविज्ञान में रुचि ली और भारत में नृजातीय अनुसंधानों को बढ़ावा दिया।Please insert your information to see your ranking अपनी Ranking जानने के लिए कृपया अपनी जानकारी भरे NamePhone Number Your score isThe average score is 50% 0% Restart quiz Category: Class 11 Sociology Quizzes in Hindi