स्वयं को समझना Ch (2) Practice Quiz in Hindi Part 2 || Class 11 Home Science Practice Quizzes in Hindi Posted on March 8, 2025March 8, 2025 by Anshul Gupta0% 0 votes, 0 avg 8 स्वयं को समझना Ch (2) 1 / 201. स्वाभिमान क्या है? A. व्यक्ति का आदर्श स्वयं B. व्यक्ति का शारीरिक स्वास्थ्य C. व्यक्ति का स्वयं के बारे में मूल्यांकन D. व्यक्ति का समाज में सम्मान व्याख्या: स्वाभिमान, व्यक्ति का स्वयं के बारे में मूल्यांकन है, जो समाज से प्रभावित होता है। 2 / 202. किशोरों के भावात्मक परिवर्तनों का क्या कारण है? A. सामाजिक और सांस्कृतिक परिवर्तन B. जैविक और शारीरिक परिवर्तन C. पारिवारिक परिवर्तन D. शिक्षा प्रणाली में परिवर्तन व्याख्या: किशोरावस्था में होने वाले जैविक और शारीरिक परिवर्तन, किशोरों के भावात्मक परिवर्तनों का मुख्य कारण होते हैं। 3 / 203. पारंपरिक समुदायों में किशोरों की पहचान किससे प्रभावित होती है? A. सामाजिक मीडिया से B. पारिवारिक स्रोतों से C. मित्रों के समूह से D. शिक्षा प्रणाली से व्याख्या: पारंपरिक समुदायों में किशोरों की पहचान मुख्य रूप से पारिवारिक स्रोतों से प्रभावित होती है। 4 / 204. किशोरावस्था में मित्रों का क्या महत्व है? A. मित्रों का कोई महत्व नहीं होता। B. मित्र और माता-पिता दोनों का महत्व होता है। C. मित्रों का महत्व माता-पिता से कम होता है। D. मित्रों का महत्व माता-पिता से ज़्यादा होता है। व्याख्या: किशोरावस्था में मित्रों का महत्व होता है, लेकिन माता-पिता का भी महत्व कम नहीं होता। दोनों ही किशोरों की अलग-अलग ज़रूरतों को पूरा करते हैं। 5 / 205. किशोरावस्था में सोच में क्या परिवर्तन आता है? A. सोच अधिक अमूर्त हो जाती है। B. उपरोक्त सभी C. सोच अधिक लचीली हो जाती है। D. सोच अधिक भविष्य-केंद्रित हो जाती है। व्याख्या: किशोरावस्था में सोच अधिक लचीली, अमूर्त, और भविष्य-केंद्रित हो जाती है। 6 / 206. ऐसे समुदायों में जहाँ किशोरों के पास कई व्यावसायिक विकल्प होते हैं, वहाँ क्या होता है? A. किशोरावस्था का काल कम हो जाता है। B. किशोरों में विद्रोह की भावना कम होती है। C. किशोरों को अपने माता-पिता से कम सहयोग मिलता है। D. किशोरावस्था का काल बढ़ जाता है। व्याख्या: ऐसे समुदायों में जहाँ किशोरों के पास कई व्यावसायिक विकल्प होते हैं, वहाँ किशोरावस्था का काल बढ़ जाता है क्योंकि उन्हें चुने हुए व्यवसाय के लिए तैयारी करने में अधिक समय लगता है। 7 / 207. किशोरों के पहचान निर्माण को किससे प्रोत्साहन मिलता है? A. ऐसे पारिवारिक संबंधों से जहाँ उन्हें स्वतंत्रता नहीं दी जाती। B. ऐसे पारिवारिक संबंधों से जहाँ उनकी भावनाओं को अनदेखा किया जाता है। C. ऐसे पारिवारिक संबंधों से जहाँ उन पर नियंत्रण रखा जाता है। D. ऐसे पारिवारिक संबंधों से जहाँ उनकी राय को महत्व दिया जाता है। व्याख्या: किशोरों के पहचान निर्माण को ऐसे पारिवारिक संबंधों से प्रोत्साहन मिलता है जहाँ उनकी राय को महत्व दिया जाता है और उन्हें अपनी बात कहने की आज़ादी होती है। 8 / 208. “स्वयं” के विकास में किसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है? A. मित्रों का समूह B. शिक्षक और विद्यालय C. उपरोक्त सभी D. माता-पिता और परिवार व्याख्या: “स्वयं” के विकास में माता-पिता और परिवार, मित्रों का समूह, और शिक्षक और विद्यालय, सभी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। 9 / 209. व्यक्तिगत पहचान से क्या तात्पर्य है? A. व्यक्ति का अपने परिवार के साथ संबंध B. व्यक्ति की वे विशेषताएँ जो उसे दूसरों से अलग बनाती हैं C. व्यक्ति का अपने समुदाय के साथ संबंध D. व्यक्ति की वे विशेषताएँ जो उसे समूह से जोड़ती हैं व्याख्या: व्यक्तिगत पहचान, व्यक्ति की उन विशेषताओं को दर्शाती है जो उसे दूसरों से अलग बनाती हैं। 10 / 2010. सामाजिक पहचान से क्या तात्पर्य है? A. व्यक्ति का अपने समुदाय के साथ संबंध B. व्यक्ति का अपने परिवार के साथ संबंध C. व्यक्ति की वे विशेषताएँ जो उसे दूसरों से अलग बनाती हैं D. व्यक्ति की वे विशेषताएँ जो उसे समूह से जोड़ती हैं व्याख्या: सामाजिक पहचान, व्यक्ति की उन विशेषताओं को दर्शाती है जो उसे किसी समूह से जोड़ती हैं, जैसे धार्मिक, सांस्कृतिक, या व्यावसायिक समूह। 11 / 2011. किशोरों के लिए अच्छे स्वास्थ्य के लिए क्या ज़रूरी है? A. पर्याप्त नींद B. शारीरिक गतिविधि C. उपरोक्त सभी D. समुचित भोजन और पोषण व्याख्या: किशोरों के लिए अच्छे स्वास्थ्य के लिए समुचित भोजन और पोषण, शारीरिक गतिविधि, और पर्याप्त नींद, सभी ज़रूरी हैं। 12 / 2012. शैशवकाल में बच्चे को “स्वयं” की समझ कैसे विकसित होती है? A. बच्चे को यह एहसास होने से कि उसके कार्यों का असर होता है B. माता-पिता द्वारा बच्चे को उसके नाम से बुलाने से C. उपरोक्त सभी D. माता-पिता द्वारा शारीरिक खेल खिलाने से व्याख्या: शैशवकाल में बच्चे को “स्वयं” की समझ, माता-पिता द्वारा शारीरिक खेल खिलाने, बच्चे को उसके नाम से बुलाने, और बच्चे को यह एहसास होने से कि उसके कार्यों का असर होता है, इन सभी से विकसित होती है। 13 / 2013. पारंपरिक भारतीय समुदायों में किशोरों के बारे में क्या सच है? A. वे अपनी स्वतंत्रता पर ज़ोर देते हैं। B. वे खुद को अपने परिवार के संदर्भ में परिभाषित करते हैं। C. वे अपने बारे में खुलकर बात करते हैं। D. वे अपने माता-पिता से अलग होने की इच्छा रखते हैं। व्याख्या: पारंपरिक भारतीय समुदायों में किशोर अक्सर खुद को अपने परिवार के संदर्भ में परिभाषित करते हैं, न कि अपनी व्यक्तिगत पहचान के आधार पर। 14 / 2014. मित्रों का दबाव किस तरह का हो सकता है? A. सिर्फ़ सकारात्मक B. नकारात्मक से ज़्यादा सकारात्मक C. सकारात्मक और नकारात्मक दोनों D. सिर्फ़ नकारात्मक व्याख्या: मित्रों का दबाव सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह का हो सकता है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि मित्र किस तरह के व्यवहार को बढ़ावा देते हैं। 15 / 2015. स्व-संकल्पना क्या है? A. व्यक्ति का समाज में स्थान B. व्यक्ति का आदर्श स्वयं C. व्यक्ति का स्वयं के बारे में मूल्यांकन D. व्यक्ति का "मैं कौन हूँ" का उत्तर व्याख्या: स्व-संकल्पना, व्यक्ति का स्वयं के बारे में विवरण है। यह “मैं कौन हूँ” प्रश्न का उत्तर देता है। 16 / 2016. “स्वयं” की संकल्पना किससे जुड़ी है? A. शिक्षा और योग्यता B. पहचान और व्यक्तित्व C. शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य D. सामाजिक और आर्थिक स्थिति व्याख्या: “स्वयं” की संकल्पना, पहचान और व्यक्तित्व से जुड़ी है। ये तीनों संकल्पनाएँ एक-दूसरे से मिलती-जुलती हैं और अक्सर एक-दूसरे के स्थान पर इस्तेमाल की जाती हैं। 17 / 2017. किशोरावस्था में संज्ञानात्मक परिवर्तन का क्या प्रभाव पड़ता है? A. किशोर अपने भविष्य के बारे में सोच सकते हैं। B. किशोर परिकल्पित स्थितियों के बारे में सोच सकते हैं। C. किशोर अमूर्त रूप से सोचने लगते हैं। D. उपरोक्त सभी व्याख्या: किशोरावस्था में संज्ञानात्मक परिवर्तन के कारण, किशोर अमूर्त रूप से सोचने लगते हैं, परिकल्पित स्थितियों के बारे में सोच सकते हैं, और अपने भविष्य की योजना बना सकते हैं। 18 / 2018. किशोरों की मनःस्थिति के बारे में क्या सच है? A. यह हमेशा स्थिर रहती है। B. यह बदलती रहती है। C. यह हमेशा सकारात्मक होती है। D. यह हमेशा नकारात्मक होती है। व्याख्या: किशोरों की मनःस्थिति बदलती रहती है। कभी वे खुश रहते हैं, तो कभी उदास, कभी अकेले रहना चाहते हैं, तो कभी लोगों के बीच। 19 / 2019. “स्नेहमय पालन-पोषण” से क्या तात्पर्य है? A. बच्चों को प्यार और सहयोग देना, साथ ही अनुशासन भी बनाए रखना B. बच्चों को सिर्फ़ अनुशासन में रखना C. बच्चों पर कोई नियंत्रण न रखना D. बच्चों को उनकी मर्ज़ी से जीने देना व्याख्या: “स्नेहमय पालन-पोषण” का अर्थ है बच्चों को प्यार और सहयोग देना, उनकी भावनाओं को समझना, और साथ ही अनुशासन भी बनाए रखना। 20 / 2020. किशोरों में “स्वयं” के प्रति नकारात्मक धारणा का क्या परिणाम हो सकता है? A. पढ़ाई में गिरावट B. असुरक्षा की भावना C. शरीर के प्रति नकारात्मक भावनाएँ D. उपरोक्त सभी व्याख्या: “स्वयं” के प्रति नकारात्मक धारणा, किशोरों में असुरक्षा की भावना, शरीर के प्रति नकारात्मक भावनाएँ, और पढ़ाई में गिरावट, सभी का कारण बन सकती है। Please insert your information to see your ranking अपनी Ranking जानने के लिए कृपया अपनी जानकारी भरे NamePhone Number Your score isThe average score is 56% 0% Restart quiz Category: Class 11 Home Science in Hindi